"मुहब्ब़त में धोखा खाया इंसान कभी- कभी आत्महत्या तक के ख्याल में जाकर दुखद अवसाद में चला जाता है, गीत के माध्यम से जीने की चाह जगाने का प्रयास "
प्यार हमारा मिट जाए तो,
जीवन है बेकार नही|
एक गया तो फिर आएगा,
जीवन का है सार यही|
भावों की लहरों से मन में,
आने ना दो बाढ़ कभी|
दुःख कष्टों की धाराओं को,
बनने ना दो बाढ़ कभी|
मन से मन का है प्रेम अमर,
जीवन की है रीत यही|
हर प्राणी से प्रीत मधुर हो,
मनु जीवन की जीत यही|
मीत मिलन की विरह व्यथा से,
ना हो तुम हैरान कभी|
सहज प्रेम है ईश्वर भक्ति,
मत होना हैरान कभी|
सेवा को निज काम बना लो,
मन को तुम बलवान करो|
अंतस्तल को मजबूती दो,
शुभ हित की पहचान करो|
©️ डॉ• राहुल शुक्ल साहिल