Monday, 16 September 2019

दोहा गज़ल़ [हिन्दी] ~ बोधनराम निषादराज "विनायक"





विषय - हिंदी
विधा - दोहा गज़ल
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हिन्द  देश  के  वासियों, हिंदी   मेरी  जान।
है ये तन  मन  देश  की, देश हेतु  कुर्बान।।

बोलो  वंदे   मातरम् , भारत   की  ये  राग,
भारत वासी हैं सभी ,सबकी  यही जुबान।
हिन्द देश के वासियों.............

अंग्रेजी  पढ़कर  कभी, मत  बनना  अंग्रेज,
देश  द्रोह  करना नहीं, हिन्द  हमारी  शान।
हिन्द देश के वासियों..............

राष्ट्र जागरण प्रेम की, अच्छा बनो मिशाल,
आज  दिखादो  साथियों, हिंदी  हिंदुस्तान।
हिन्द देश के वासियों,...............

भारत बहु भाषा रहे, फिर भी हम हैं एक,
जाँति पाँति में भिन्नता, भाषा  हिंद महान। 
हिन्द देश के वासियों................
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रचनाकार :--
बोधन राम निषादराज "विनायक"
सहसपुर लोहारा,जिला-कबीरधाम (छ.ग.)
All Rights Reserved@bodhanramnishad

3 comments:

  1. बहुत खूब आदरणीय । सादर नमन

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  2. जोशभरी एक बेहतरीन कविता के लिए,
    आपको हार्दिक बधाई!
    दिलीप कुमार पाठक "सरस"

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  3. शानदार गुरुदेव

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